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शाम ढली तो रात हो गई, नज़रों से ही हर बात हो गई, दिल ने जब दिल को आवाज़ दी, तो हमारी उनसे मुलाक़ात हो गई, मगर जब वो घर से निकलने लगे, तो कम्बख्त बरसात हो गई।

By @aspaksaiyad1 · 4 May 2026

शाम ढली तो रात हो गई, नज़रों से ही हर बात हो गई, दिल ने जब दिल को आवाज़ दी, तो हमारी उनसे मुलाक़ात हो गई, मगर जब वो घर से निकलने लगे, तो कम्बख्त बरसात हो गई।

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